Health care,health care in hindi,hair care,haire care in hindi,beauty care, beauty tips,beauty tips in hindi,

blvhealth

LightBlog

Latest

Labels

गुरुवार, 31 जनवरी 2019

रिफाइंड नमक , सफेद जहर

रिफंड नमक , सफेद जहर


रिफाइंड नमक एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसका उपयोग हम प्रतिदिन अपने भोजन में करते है । रिफाइंड नमक या आयोडीन नमक हमारे भोजन में उपयोग होने वाला ऐसा धीमा सफेद जहर है जो हजारो बीमारियों को जन्म देता है ।

https://www.blvhealth.com/2018/12/chini-ke-nuksan.html?m=1
www.blvhealth.com


रिफाइंड नमक में 98% Nacl (sodium chloride)है , शरीर इसे विजातीय पदार्थ (ऐसा आहार जो शरीर पोषक के लिए उपयोग होने के बाद बच जाता है , यदि शरीर से निष्कासित न हो तो यह विजातीय पदार्थ कहलाता है , जो कि रोग पैदा करता है) के रूप में स्वीकार करता है। रिफाइंड नमक में शरीर के लिए हितकर कोई Natural Balance Of Minerals नही होते ।

रिफाइंड नमक में मिलाये जाने वाले पदार्थ


रिफाइंड नमक में 0.01% पोटेशियम आयोडाइड डाला जाता है जिसका शरीर के लिए कोई खास उपयोग नही होता है । और इसमें शक्कर भी डाली जाती है जो आयोडीन को नमक से बाहर उड़ने देती। यह नमक इकठ्ठा होकर केक न बने इसीलिये इस नमक में सीमेंट बनाने में प्रयुक्त होने वाले रसायन जैसे Tricalcium Phosphate , Calcium Or Magnesium Carbonate , Magnesium Oxide, Sodium Alumino Silicate और Alumino Calcium Silicate भी डाले जाते है।

रिफाइंड नमक के घातक परिणाम


रिफाइंड नमक में प्रयुक्त होने वाले रसायन रक्त वाहिनियों को कड़ा बनाकर इनमें ब्लॉक्स भी बनाते हैं । परिणामस्वरूप रक्त वाहिनियों में रक्त की कम मात्रा व कम रक्त ऑक्सीजन जीवन रक्षक अंग जैसे हार्ट, किडनी, पाचक , ग्रंन्थि, फेफड़े, पित्ताशय तक पहुँचती हैं वे सब कमजोर हो जाते हैं व उनसे संबन्धित रोग हो जाते हैं। इन्ही कारणों से आज हमारा देश हार्ट अटैक, हार्ट की समस्या, उच्च रक्त चाप, आदि हृदय रोगों के संबंध में विश्व का नंबर एक देश बन चुका है ।

https://www.blvhealth.com/2018/12/chini-ke-nuksan.html?m=1
www.blvhealth.com


रिफाइंड नमक के सेवन से होने वाली बीमारियाँ


1 - उच्च रक्त चाप , हार्ट की समस्या होना ।
2 - गुर्दे का खराब होना , गुर्दे की पथरी , पित्ताशय की पथरी
3 - जोड़ो का दर्द , गठिया
4 - नामर्दी (Erectile Dysfunction)
5 - आँख , कान व गले के रोग आदि ।
6 - शरीर में जगह - जगह सूजन
7 - सन्तान का न होना
8 - एल्जाइमर व पार्किन्संस की बीमारी (एल्युमीनियम के कारण)

कोशिकाओं में जाते ही एक ग्राम नमक अपने से 23 गुना ज्यादा पानी कोशिकाओं से खींच लेता है व शरीर पर जगह - जगह सूजन उत्पन्न करता है । कभी - कभी कोशिकाएं पानी के अभाव में मर भी जाती है । कोशिकाओं में उतपन्न हुये पानी के अभाव के कारण, ज्यादा नमक खाने वालों को ज्यादा प्यास लगती है ।

कई वर्षो तक आयोडीन युक्त नमक खाने पर भी थायरॉइड की बीमारी ठीक नही होती अर्थात आयोडीन युक्त नमक थायरॉइड की बीमारी के लिये उपयुक्त नही है।

दोस्तो हमे अपने भोजन में काला नमक या फिर सेंधा नमक का उपयोग करना चाहिए । काला नमक व सेंधा नमक पूरी तरह से प्राकृतिक होते है , इनसे खाना भी स्वादिष्ट बनता है । और हमारे शरीर को किसी भी तरह से कोई हानि नही पहुचाते अपितु लाभ ही पहुचाते है ।

https://www.blvhealth.com/2018/12/chini-ke-nuksan.html?m=1
www.blvhealth.com


काला नमक व सेंधा नमक की विशेषताएं


1 - काला नमक व सेंधा नमक में कोई भी रसायन (केमिकल) डाला या निकाला नही जाता । प्राकृतिक होने के कारण ये नमक हमारे शरीर के लिए स्वास्थ्यवर्धक है ।
इन हमको में हमारे शरीर के लिए उपयोगी सारे मिनरल मौजूद रहते है।
2 - काला नमक व सेंधा नमक में  Trace Minerals भी पाए जाते है।
3 - इन मिनरलों (मैग्नेशियम, कैल्शियम, पोटेशियम, और लोहा) व Trace Minerals की मौजूदगी में ही सोडियम ठीक से शरीर के आरोग्य को रख पाता है।


https://www.blvhealth.com/2018/12/chini-ke-nuksan.html?m=1
www.blvhealth.com

सेंधा व काला नमक की पहचान

सेंधा नमक या फिर काला नमक को जीभ पर रखते ही लार निकलने लगती है , पर रिफाइंड नमक खाने पर केवल वह खट्टा लगता है कोई लार नही निकलती।

1 टिप्पणी: