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शुक्रवार, 4 जनवरी 2019

aankho ke rog/आँखों के रोग इन हिंदी

आँखों के रोग 

आँख दुखना , आँखों की सूजन एवं जलन


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आँखों में धूल जाने से या आंखों में किसी संक्रामक बीमारी , अधिक ठंड, अधिक गर्मी, के कारण दर्द होना शुरू हो जाता है और आँखे आ जाती है। इस कारण आंखों से पानी निकलना शुरू हो जाता है। इस दर्द और सूजन को दूर करने के कुछ घरेरू उपाय निम्न हैं - 

1 - हल्दी की गांठ को पत्थर पर पानी के साथ घिसें और सलाई की सहायता से आंखों में लगायें। दर्द और सूजन में आराम मिलेगा ।

2 - सफेद प्याज के रस को आंखों में लगाने से दर्द में काफी राहत मिलती है ।

3 - त्रिफला चूर्ण , घी और शहद मिलाकर खाने से आंखों की बीमारियां दूर होती है । 

4 - देशी गाय का घी आँख में लगाने से जलन दूर होती है ।

5 - गुलाब जल में फूली फिटकरी डालकर आंखों को धोने से जलन एवं सूजन समाप्त होती है । केवल गुलाब जल डालने से भी आंखों में राहत मिलती है ।

6 - शुद्ध देशी गाय के घी में थोड़ी सी काली मिर्च मिलाकर सुबह - शाम सेवन करें काफी राहत मिलेगी ।

7 - तुलसी या बेल के पत्तो का रस भी आँखों डालने से काफी लाभ होता है ।


                                          गुहेरी 


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आँखों की पलको के ऊपर कोने में फुंसी निकल आने को गुहेरी कहते है । यह एक गांठ की तरह होती है जिसमे हल्का - हल्का दर्द भी होता है । 
कुछ घरेलू उपाय अपना कर हम इस समस्या से बड़ी आशानी से छुटकारा पा सकते है - 

1 - इमली के बीजो को पत्थर पर घिसकर लगाने से गुहेरी में आराम मिलता है । 

2 - लौंग को यदि पानी मे घिस कर जिस जगह पर गुहेरी हुई है , उस जगह पर लगाया जाय तो एक से दो दिन में ही गुहेरी पूरी तरह से ठीक हो जाती है ।

3 - बकरी का दूध गुहेरी पर लगाने से भी गुहेरी में काफी आराम मिलता है ।

4 - गुलाब जल में छोटी हरड़ को घिसकर लेप करने से काफी लाभ मिलता है ।

5 - अनार का रस आंखों में डालने से भी काफी राहत मिलती है । 

6 - गुलाब जल में थोड़ा फिटकरी का पानी मिलाकर आंखों  डालने से गुहेरी बैठ जाती है । 

7 - छुहारे की गुठली को सिल पर घिसकर गुहेरी पर लगाने से काफी राहत मिलती है ।

                                    रतौंधी 


रतौंधी एक ऐसी बीमारी है जिसमे मरीज को रात में बिल्कुल दिखाई नही देता लेकिन दिन में ठीक दिखाई देता है ।
रतौंधी होने का मुख्य कारण अत्यधिक धूल , तीव्र प्रकाश और दूषित पर्यावरण है ।
रतौंधी को ठीक करने के लिये कुछ घरेलू उपाय 

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1 - तुलसी के पत्तो का रस दिन 3 - 4 बार डाले काफी आराम मिलेगा ।

2 - सफेद प्याज का रस आंखों में डालने रतौंधी में काफी आराम मिलता है ।

3 - देसी गाय का मूत्र आंखों में डालने से काफी लाभ होता है।

4 - हरे धनिये का रस आंखों में डालने से काफी लाभ होता है।

5 - आंखों में शुद्ध शहद लगाने से भी काफी आराम मिलता है। 

6 - प्रतिदिन रात्रि विश्राम से पहले त्रिफला चूर्ण का सेवन करें और रात्रि में भिगोये हुये त्रिफला पानी से आंखों को धोयें काफी आराम मिलेगा ।

7 - गुलाब जल में ताजे खीरे का रस और अनार का रस मिलाकर बूंद - बूंद डालने से काफी आराम मिलता है ।


                                        मोतियाबिंद

इस बीमारी में आँखों की पुतली पर सफेदी आ जाती है और रोगी की दृष्टि धुंधली पड़ जाती है । रोगी किसी भी चीज को स्पष्ट नही देख पाता ।  इस रोग में रोगी रंगों की पहचान करने में भी परेशानी होती है । रात के समय या फिर कम उजाले में चीजो को स्पष्ट रूप से न देख पाना , किसी चीज को देखने पर उस चीज के आस - पास रंग बिरंगे सर्कल बन जाना । मोतियाबिंद से पीड़ित ब्यक्ति को एक आँख में किसी भी वस्तु को देखने पर दो नजर आना । आदि समस्याएं मोतियाबिंद के लक्षण है 
यह रोग अधिकतर बृद्धा अवस्था मे होता है ।
आइये जानते हैं मोतियाबिंद कितने प्रकार के होते है -


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1 - न्यूक्लियर मोतियाबिंद  : यह मोतियाबिंद पहले एक बिंदु की तरह दिखता है , फिर धीरे - धीरे बढ़ने लगता है यह मोतियाबिंद लेंस के ठीक बीच मे होता है जिसके कारण जैसे - जैसे यह विकशित होता है , आंखों की दृष्टि को बाधित करते जाता है ।

2 - जन्मजात मोतियाबिंद :  जन्मजात मोतियाबिंद हमारे पूर्बजों द्वारा प्राप्त होता है , अर्थात जन्मजात मोतियाबिंद को हम अनुवांशिक मोतियाबिंद कह सकते है ।

3 - कार्टिकल मोतियाबिंद : कार्टिकल मोतियाबिंद आँखों के लेंस के किनारो में होने वाला मोतियाबिंद है , इस रोग में आंखों के लेंस के बाहरी किनारे पर सफेद धारिया बनने लगती है जो धीरे - धीरे आंखों के लेंस तक पहुच जाती है जिससे देखने में रुकावट उतपन्न हो जाती है ।

मोतियाबिंद को ठीक करने के लिए कुछ घरेलू उपाय 

1 - सुबह शाम एक गिलास गाजर का रस पीने से मोतियाबिंद में काफी राहत मिलती है ।

2 - रात में पानी में भिगोई हुई लहसुन की कलियों को प्रातः काल उठकर खांए और पानी पियें। मोतियाबिंद में काफी लाभ होगा ।

3 - शुद्ध शहद आँखों मे लगाने से भी काफी लाभ होता है ।

4 - सूखा धनियां, सौंफ और देशी शक्कर बराबर मात्रा में मिलाकर पाउडर बनायें और शुबह - शाम जल के साथ सेवन करे काफी राहत मिलेगी ।

5 - अंकुरित गेंहूँ और अंकुरित चना खाने से मोतियाबिंद में काफी लाभ होता है

6 - सफेद प्याज का रस और शहद 1 अनुपात 2 की मात्रा में गुलाब जल में मिलायें , इस दवा को आंखों में डालने से मोतियाबिंद बिल्कुल ठीक हो जाता है ।


दृष्टि शक्ति बढ़ाने के कुछ घरेलू उपाय 



1 - ताजा आंवले का रस , नींबू का रस नेत्र ज्योति बढ़ाने में काफी सहायक होते है अतः इनका सेवन करते रहना चाहिए ।

2 - हरड़ , बहेड़ा , आंवला , मुरेठी , लोहभस्म आदि को समान मात्रा में मिला कर जल में पीस कर सुख ले , इस बने पाउडर को सुबह शहद के साथ लेने से काफी लाभ होता है ।




 

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